जलवायु: उपयुक्त तापमान: 25-35°C
मिट्टी: उचित जल निकासी वाली मध्यम से रेतीली मिट्टी। जमीन समतल होनी चाहिए।
बीज दर: 100-120 ग्राम/एकड़
बुवाई का समय: 15 मार्च से जून
बुवाई की विधि: कतार से कतार: 60 सेमी, पौधे से पौधा: 30 सेमी
प्रति एकड़ उर्वरक की मात्रा और समय:
-
फसल को संतुलित और पर्याप्त मात्रा में उर्वरक की आवश्यकता होती है।
-
बेसल डोज (बुवाई के समय): गोबर की सड़ी खाद (FYM) + 20 किलो SSP + 20 किलो MOP + 10 किलो मैग्नीशियम सल्फेट डालें।
-
मेड़ (रिज) बनाने से ठीक पहले 20 किलो यूरिया डालें।
-
रोपाई के 10 दिन बाद (10 DAT): 40 किलो यूरिया डालें।
-
रोपाई के 20 दिन बाद (20 DAT): 25 किलो DAP + 20 किलो 10:26:26 + 300 ग्राम बोरॉन डालें।
-
रोपाई के 30 दिन बाद (30 DAT): 30 किलो 10:26:26 + 20 किलो यूरिया डालें।
सिंचाई:
फूलगोभी को सभी चरणों में उचित सिंचाई की आवश्यकता होती है। हल्की मिट्टी और गर्मी के मौसम में अधिक बार सिंचाई की आवश्यकता होती है। सर्दियों और बरसात के मौसम में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी जाती है।
खरपतवार नियंत्रण:
समय पर खरपतवार निकालना बहुत आवश्यक है। स्वस्थ फसल सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई की जा सकती है, जिसके बाद पौधों पर मिट्टी चढ़ाना (अर्थिंग अप) बहुत महत्वपूर्ण है।
प्रमुख कीट और रोकथाम:
-
डायमंड बैक मोथ (DBM) - स्पिनोसाड (Spinosad), एमामेक्टिन बेंजोएट (Emamectin benzoate)
-
तंबाकू की इल्ली (Tobacco caterpillar) - एमामेक्टिन बेंजोएट, क्लोरेंट्रानिलीप्रोल (Chlorantraniliprole), इंडोक्साकार्ब (Indoxacarb)
-
कट वर्म - क्लोरेंट्रानिलीप्रोल
-
लीफ माइनर - एमामेक्टिन बेंजोएट
-
सफेद मक्खी (Whitefly) - इमिडाक्लोप्रिड (Imidacloprid), थायमेथॉक्सम (Thiamethoxam), एसिटामिप्रिड (Acetamiprid)
-
एफिड (माहू) - इमिडाक्लोप्रिड, थायमेथॉक्सम
प्रमुख रोग और रोकथाम:
-
डैम्पिंग ऑफ (आर्द्र-गलन) - ट्राइकोडर्मा (Trichoderma), मेटालेक्सिल + मैंकोजेब (Metalaxyl + Mancozeb)
-
ब्लैक रॉट (काला सड़न) - रोगमुक्त बीज, खेत की स्वच्छता और फसल चक्र अपनाएं
-
डाउनी मिल्ड्यू (मृदुरोमिल आसिता) - मेटालेक्सिल + मैंकोजेब
-
ब्लाइट (झुलसा) - मैंकोजेब, कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (Copper oxychloride)
-
फ्यूजेरियम विल्ट (उकठा) - उपयुक्त अनुशंसित कवकनाशी या जैविक नियंत्रण द्वारा बीज/मिट्टी का उपचार करें; फसल चक्र और स्वच्छता आवश्यक है।
कटाई:
कटाई सुबह या शाम के समय करनी चाहिए ताकि उत्पाद बाजार के लिए ताजा रहे। कटाई के समय फूल (कर्ड) ठोस और गठा हुआ होना चाहिए। अतिरिक्त पत्तियों को आमतौर पर काट दिया जाता है, लेकिन फूल की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पत्तियां छोड़ दें।